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भारत में जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक नोट, RBI फिर कर रहा है तैयारी

Vivek Bisht · 30 मई 2026, 08:01 AM · 79 व्यूज़

नई दिल्ली। भारत में जल्द ही प्लास्टिक (पॉलिमर) नोटों का दौर शुरू हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बार फिर अपने वर्षों पुराने प्लास्टिक नोट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। यदि यह योजना सफल होती है तो देश की मुद्रा व्यवस्था में यह एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

वर्तमान में भारत में विशेष प्रकार के कागज से बने बैंक नोटों का उपयोग किया जाता है। हालांकि लगातार बढ़ती लागत और नोटों के जल्दी खराब होने की समस्या को देखते हुए RBI अब पॉलिमर नोटों को विकल्प के रूप में देख रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार RBI की हाल ही में पटना और मुंबई में आयोजित दो बोर्ड बैठकों में प्लास्टिक नोटों को लेकर गंभीर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि जल्द ही केंद्रीय बैंक पॉलिमर बैंक नोटों के पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा कर सकता है।

क्यों जरूरी हैं प्लास्टिक नोट?

विशेषज्ञों के अनुसार पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनकी उम्र कागजी नोटों से कई गुना अधिक होती है, जिससे बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता कम पड़ती है।

हर वर्ष बड़ी संख्या में कागजी नोट खराब होकर चलन से बाहर हो जाते हैं। इन्हें बदलने के लिए नए नोट छापने पड़ते हैं, जिससे RBI पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में नोट छापने पर RBI का खर्च 6,372.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2023-24 में यह खर्च 5,101.4 करोड़ रुपये था। वहीं 2024-25 के दौरान लगभग 23.8 अरब खराब नोट चलन से बाहर किए गए थे।

2012 में भी हुई थी कोशिश

यह पहली बार नहीं है जब RBI पॉलिमर नोटों पर विचार कर रहा है। वर्ष 2012 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने 10 रुपये के लगभग एक अरब पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी थी।

कोच्चि, मैसूरु, जयपुर, भुवनेश्वर और शिमला जैसे पांच शहरों में इसका परीक्षण प्रस्तावित था, लेकिन तकनीकी और परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण इस योजना को रोक दिया गया था। अब माना जा रहा है कि उन चुनौतियों का समाधान कर लिया गया है।

दुनिया के कई देशों में चल रहे हैं प्लास्टिक नोट

वर्तमान में दुनिया के लगभग 60 देश पॉलिमर बैंक नोटों का उपयोग कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया वर्ष 1998 में प्लास्टिक नोट शुरू करने वाला पहला देश बना था। इसके बाद कनाडा, ब्रिटेन, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, वियतनाम और रोमानिया सहित कई देशों ने अपनी मुद्रा प्रणाली में पॉलिमर नोट शामिल किए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में भी पॉलिमर नोट सफल होते हैं तो इससे नोटों की छपाई लागत में कमी आएगी, नकली नोटों पर अंकुश लगेगा और मुद्रा अधिक समय तक सुरक्षित एवं उपयोगी बनी रहेगी।

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