जौनपुर एवं रंवाल्टा समुदाय को ST दर्जा देने की मांग तेज, केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम से मिले राज्य मंत्री रामसुन्दर नौटियाल
नई दिल्ली। उत्तरकाशी जनपद के जौनपुर एवं रंवाल्टा समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री एवं भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रामसुन्दर नौटियाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दोनों समुदायों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने का विषय प्रमुखता से उठाया।
सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों से कराया अवगत
मुलाकात के दौरान राज्य मंत्री नौटियाल ने केंद्रीय मंत्री को जौनपुर एवं रंवाल्टा समुदायों की सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और पारंपरिक परिस्थितियों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों की जीवनशैली, सांस्कृतिक विरासत, रीति-रिवाज और परंपराओं में काफी समानताएं हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों के लोगों को लंबे समय से विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीमांत और दुर्गम क्षेत्र होने का दिया हवाला
राज्य मंत्री ने कहा कि उत्तरकाशी जनपद के ये क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत दुर्गम और सीमांत हैं। चीन एवं तिब्बत की सीमा से निकटता के कारण इन क्षेत्रों का सामरिक महत्व भी विशेष है।
उन्होंने कहा कि यहां के समुदायों की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद
रामसुन्दर नौटियाल ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि जौनपुर एवं रंवाल्टा समुदायों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिस्थितियों का समुचित अध्ययन एवं परीक्षण कर उन्हें अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि इससे दोनों समुदायों के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और अन्य संवैधानिक सुविधाओं के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। साथ ही क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों से जुड़ा है विषय
राज्य मंत्री नौटियाल ने कहा कि जौनपुर एवं रंवाल्टा समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनकी सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
उन्होंने इस दिशा में केंद्र सरकार से सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा जताई।
संबंधित खबरें
अंकिता भंडारी के माता-पिता का इंडिया गेट पर धरना
अंकिता भंडारी मामले में दुष्यंत कुमार की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के विरोध में उनके माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हैं। इस दौ...
'iPhone लंगर' से Raja D King चर्चा में, फ्री में बांटेंगे iPhone 17! जानिए क्या है पूरा मामला
Raja D King के ‘iPhone लंगर’ ऐलान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। चंडीगढ़ में मुफ्त iPhone बांटने के दावे और ‘जय माता दी’ की शर्...
सहकारिता से पहाड़ की उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की पहल
नई दिल्ली में NCEL की 5वीं वार्षिक आमसभा में उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और किसानों को बेहतर म...
उत्तरकाशी के लिए गौरवशाली क्षण, थाती दिचली के अनमोल परमार भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट
चिन्यालीसौड़ की ग्रामसभा थाती दिचली निवासी अनमोल परमार का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवा...