स्थानीय

उत्तराखंड में 5 साल में बंद हुए 826 सरकारी प्राथमिक स्कूल, शून्य छात्र नामांकन बना सबसे बड़ा कारण

Vivek Bisht · 13 जुल. 2026, 08:30 PM · 103 व्यूज़

उत्तराखंड में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य के 826 सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन विद्यालयों में एक भी छात्र नामांकित नहीं था, जिसके चलते इन्हें बंद करने का निर्णय लिया गया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक टिहरी गढ़वाल में सबसे अधिक 262 विद्यालय, पौड़ी गढ़वाल में 120, पिथौरागढ़ में 104 और अल्मोड़ा में 83 सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए। उत्तरकाशी सहित अन्य पर्वतीय जिलों में भी छात्र संख्या लगातार घटने और पलायन के कारण कई विद्यालय प्रभावित हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ों से लगातार हो रहा पलायन, घटती जन्मदर और सरकारी विद्यालयों में कम होता नामांकन इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं। कई दूरस्थ गांवों में परिवारों के पलायन के बाद स्कूलों में छात्र नहीं बचे, जिससे विद्यालयों का संचालन संभव नहीं रहा।

इसी बीच नीति आयोग की रिपोर्ट में भी देशभर में कम नामांकन वाले सरकारी विद्यालयों के एकीकरण (School Consolidation) की नीति का उल्लेख किया गया है। इसके तहत कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को आसपास के स्कूलों में विलय कर संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर उपयोग करने की बात कही गई है।

हालांकि, शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यालयों के बंद होने से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि पलायन रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है।

पिछले 5 वर्षों में उत्तराखंड में 826 सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद।

मुख्य कारण शून्य छात्र नामांकन।

टिहरी गढ़वाल में सबसे अधिक 262 स्कूल बंद।

पलायन और घटता नामांकन बड़ी चुनौती।

कई स्थानों पर विद्यालयों का विलय (Merger) भी किया गया।

शेयर करें:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करते हुए BDH जनमंच और जनप्रतिनिधि
स्थानीय

BDH जनमंच के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी से की मुलाकात, पांच सूत्रीय मांगों पर मिला आश्वासन

BDH जनमंच के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर क्षेत्र की पांच सूत्रीय मांगों एवं विभिन्न जनसमस्याओं को...

02 सित. 2026 · 152 व्यूज़
बनचौरा में 17वें दिन SDM डुण्डा के लिखित आश्वासन के बाद BDH जन मंच का धरना समाप्त
स्थानीय

17वें दिन समाप्त हुआ BDH जन मंच का धरना, 5 मांगों पर लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म

बनचौरा में पांच प्रमुख जनसमस्याओं को लेकर 17 दिनों से चल रहा BDH जन मंच का धरना SDM डुण्डा के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।...

02 सित. 2026 · 83 व्यूज़
बनचौरा बाजार में पांच मांगों को लेकर BDH जनमंच का मशाल जुलूस
स्थानीय

बनचौरा में नौवें दिन भी धरना जारी, मशाल जुलूस निकालकर BDH जनमंच ने जताया आक्रोश

बनचौरा में पांच प्रमुख मांगों को लेकर BDH जनमंच का अनिश्चितकालीन धरना नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने शाम पांच बजे मशाल जु...

25 अग. 2026 · 232 व्यूज़
बनचौरा में पांच मांगों को लेकर छठवें दिन धरना देते BDH जन मंच के पदाधिकारी और क्षेत्रवासी
स्थानीय

BDH जन मंच के धरने का छठवां दिन: पांचों मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

बनचौरा में BDH जन मंच का अनिश्चितकालीन धरना छठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त न...

22 अग. 2026 · 92 व्यूज़